Monday, 29 October 2018

कमला

#कमला
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वो न बाय दी वे ...आई एम वेरी चूजी .....

घण्टे की चूजी हैं ये , इनके बाप का नाम इज्जत लाल है ....शहर के मुन्सिपाल्टी दफ्तर में संविदा क्लर्क है ,... देशी दारू के कट्टर शौकीन ...कोई हराम में पिला दे तो ,वो वन नाइट स्टैंड  इनका ईश्वर , लुगाई इनकी एक सरकारी विद्यालय में भोजन पकाती है ...कुल 4 जमा, जमीन पर और एक पेट में लिए घूम रहीं है ....ये उन चार में से दूसरे नम्बर की है ..इनका आधार कार्ड पर नाम कु. कमला है ....लेकिन ये किसी भी अजनबी लौंडे को अपना नाम सोनम बताती हैं
....इनको खुर्राट वहम हैं कि हफ्ते में एक दिन नहाई इनकी देह और  हफ्ते में 14 दिन धुली इनकी शक्ल अनिल कपूर की लौंडिया से मिलती हैं ....जबकि इनकी नाक का पकौड़ा खमीर चढ़े पूए से मैच करता है ,,,,,

विद्यालय जाती हैं ,,,और कक्षा 11 में पढ़ती है ...दसवीं की बोर्ड परीक्षा में इन्होंने एक साल फेल होकर अगले साल रोला -रप्पा कर क्लास तो बदल ली , लेकिन 11 के फेर में इनका घिरना तय है ...

स्कूल में इन्होंने गंध फैला रखी है ...इनका लौंडेबाजी का अपना एक दबदबा है ...और इनका संक्रमण लौंडो और लौंडियाओं पर बराबर पड़ता है ...उदाहरण पटकता हूँ आप कैच कीजिये .. इन्होंने दसवीं में 85% नम्बर पाई लौंडिया को अपने फ़िल्मी प्रभाव में लेते ही विथ इन फाइव मन्थ 11वीं की हाफ इयरली परीक्षा में 34% में ला खड़ा किया ....

स्कूल के शिक्षक से लेकर कैंटीन मालिक और उसके सर्वेंट से भी ये फँसी पड़ी हैं ... 12वी के आधे लड़के इन्हीं ने स्कूल से फेल करवाकर निपटाये ...ये मेलों के बड़े कर्रे और गहरे शौक रखती हैं ...और उससे जियादह शौक इन्हें आधुनिक छोटी और चुस्त पोशाकों का है ....

इनका बौद्धिक ज्ञान ये है कि इन्हें सिर्फ नम्बर सेव करना , मेसेज करना , इमोजी फिलिंग से आग लगाना और सेल्फ़ी लेना आता है ...बाकि इनके घोड़े खुल जाते है जहाँ जरा सा दिमाग लगाना पड़े ...विद्यालय मासिक टेस्ट हेतु लौंडे और मास्टर इनका क्रमशः ख्याल रखते है वगरना ये फूँकनी की अपने नाम में कमला को कलाम लिख देने का इल्म भी जानती है ....

बैंक में मिली थी मुझसे ...बोली फॉर्म भर दीजिये ...हमनें भरा तो सट से अपने नंगे बाजू हमारी नंगी कोहनी से रगड़ दिए ...हम लंगोट के पक्के तो हैं लेकिन सिर्फ जुबान से ...हमनें और घसीटा दिया तो बोली ...सब देख रहें है ...हमनें कहा नम्बर दोगी..? बोली कार्ड भूल गई वैसे ही सेव कर लो ...इनकी तरह इनका नम्बर भी बड़ा छिछोरा निकला ...हर महीने हमारी जेब से मजे लेने लगा ...

जब भी फोन पर चुम्मा मांगते तो हिलोरा मार  देती लेकिन जैसे ही जीवंत सशरीर मुलाकात में मांगते तो कहती आज हमारा फास्ट है .....

वाकई में ये हराम की डली बहुत फास्ट है ...देह का घर्षण कर सकती है लेकिन देह नही सौंपी किसी को इन्होंने ..इनकी इस ईमानदारी की तो कसम चलती है मुहल्ले में ....

अनीस मल्होत्रा इनका नया बॉय फ्रेंड है ...सुनने में आता है तीन कोठियाँ , चार राईस मिल ,, 2 बी .एम डब्ल्यू ..मिला कर 19 गाड़ियाँ हैं उसके कन्ने ,, आज तलक उसे किसी ने नही देखा .. लेकिन इन्होंने उसे अपने मन मन्दिर का देवता और अभी से अपना पति मान लिया है ... इनका चालू पन आखिर मैजिक कर ही गया और इन्होंने अपने कथनानुसार राज योग से सज्जित लौंडा फाँस ही लिया ...

इन्होंने कसम ले ली थी अनीस की ,,कि अब ये सस्ते और फक्कड़ आशिकों के मुँह पर थूकेंगी भी नही ....जब इन्होंने सब को खदेड़ना शुरू किया तो हमनें खुद को 36 वे स्थान पर पाया ...ये नम्बर हमारी कमर के नम्बर से मैच करता है ...

ये पूरे घर की सम्मिलित 11000 रूपये की कमाई में ..14000 रूपये तो अकेले अपने ऊपर फूँकना सीख
गई थी ..

.इनकी माँ ने कभी इनसे नही पूछा कि 30 हजार का मोबाईल , ये हजारों  की जीन्स , ये स्कर्ट ये जूते ...ये स्कूटी इन्होंने कौन सा टीवी किवज शो जीत के कमाई ..और इनके बाप को दिनभर की थकान एक देशी ठर्रे का क्वार्टर गटक  कर बीवी पर फिसल कर सो जाने में ही रस था .....

लेकिन शिखा इसे अक्सर समझाती थी ...शिखा कमला की बड़ी बहन ...उसने कई बार कहा कि अगर तू इसी चाल -चलन में बहती रहेगी तो समझ लेना ...तू कहीं की नही रहेगी .....

खैर आज कमला उर्फ़ सोनम मिसेज मल्होत्रा हैं ..बड़े घर की बहू और एक बिजनेस टायकून की वाईफ बनते ही इन्होंने सबसे पहले अपने परिवार से नाता तोड़ा फिर मुहल्ले से....शादी के बाद कमला कभी वापस नही आई ...परिवार भी कमला को भूल सा गया ...और हम लौंडो के लिए तो हर दूसरी लौंडिया कमला है ...लेकिन इन सब में ,,मैं आज तलक कमला को नही भूल पाया ...

कमला सब की नजर में बुरी थी ..लोग अपनी बच्चियों को उसकी सोहबत से बचाते थे ..औरतें हाथ कूट-कूट कर और होंठ चबा-चबा कर उसे बुरा कहती थी ...लड़के और अधेड़ उसे छीनाल ,,रण्डी तलक कहते थे ...लेकिन कमला ऐसी नही थी..बड़ी शर्मीली बड़ी संकोची थी कमला ....11 साल की उम्र तलक वो भी आम बच्चियों की तरह जुगनू, तितली खोजती और पकड़ती थी ..टेढ़े उलझे सवाल करती थी ..किताबों में चित्र देख कल्पना के सागर में विलीन हो जाती थी ...गिट्टी के बर्तन पर घास पकाती थी और अपनी गुड़िया का विवाह आँख फूटे काने गुड्डे से कराती थी ..उसकी कमीज हमेशा उसक कन्धे से सरक जाती थी ...जो उसके सगे चाचा को बहुत आकर्षित और उत्तेजित करती थी ...अक्सर वो कमला को पास बुला कर उसके जिस्म को अपने जिस्म से रगड़ता  उसकी छातियों को उम्र से पहले असमान्य भी उसी पशु ने ही किया ...

उसकी हवश के 70 दिन बाद जब कमला की माँ ने ये सब देख लिया तो उसने पुलिस की धमकी दी और चाचा मुहल्ला छोड़ ,शहर लड़ी हो लिया ....

कमला आदतन और लड़कियों से पहले इस स्पर्श और उसके प्रभाव को समझ चुकी थी ...फिर बात जब मुहल्ले में दौड़ी तो  मासूम कमला अब मर्दजात के लिए बच्ची नही रही .....कमला को लालच और धमकी देकर कोई न कोई अपनी हवश का पहला फेज यानि  देह स्पर्श कर ही लेता ....कमला को सोनम ...कमला ने नही बल्कि समाज ने और उसके माता पिता की अनदेखी और लापरवाही ने बनाया ....

8 मार्च यानि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस था उस दिन जिस दिन मैंने कमला को फिर 7 साल बाद दुबारा देखा वो भी एक खिड़की की झिरी से ...एक उसकी उम्र से तीन गुना बड़ा आदमी उस की देह का भोग कर रहा था ....उसने भोग के पश्चात पैसे कमला की नंगी देह पर फेंके ..और चला गया ...फिर मेरी बारी थी कमला नग्न बिस्तर पर ज़िंदा लाश सी पड़ी थी ..और मैं जिन्दा लाश सा खड़ा होकर एक दौर की सबसे चालाक और मनचली लड़की को आँख से आँसू पोंछता देख रहा था ....उसने अपने जिस्म पर एक दुलाई ओढ़ी और आवाज लगाई

" आ जा रे हीरो ....

उस कोठे की सीढ़ियों के बारे में कहते सुना है कि नया बन्दा उसे  4 मिनट में उतरता है ..मैंने आधे मिनट में ही उन को नाप कर जमीन छू ली
.....
कमला के सपनों का वो रईसजादा मिस्टर अनीस मल्होत्रा कमला से भी कोशों चालाक निकला वो दलाल था जो ऐसी ही फ़िल्मी लड़कियों को प्यार और झूठी हसीन दुनिया के ख्वाब दिखा कर उनकी कीमत कोठों से वसूल करता था   ......

खैर कल की वेरी चूजी कमला ....आज अनेक खाये -पीये चूहों की रसद बन चुकी है .... अफसोस महज इतना कि कमला को पहले सोनम  फिर एक वेश्या बनाने वाला उसका चाचा ...और ये समाज अभी तलक ज़िंदा और सक्रिय  है  ...और हमको फक्र करना चाहिये की हम इसी समाज का एक हिस्सा है ...नवाजिश
#जुनैद.......

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