Tuesday, 26 February 2019

डॉन_डायरी

#डॉन_डायरी
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" मैंने कहा..हाथ छोड़िये मेरा ...शेम ऑन यू "

अपन सिर्फ आई लव यू का मतलब समझता है...मतलब प्रेम ..मतलब लौंडिया रेडी फॉर सेक्स।

...लेकिन मोनिका का यू न प्रेम शो कर रिया था न सेक्स ...वो तो हौली कच्ची नागिन सी फुंकार रई थी ...मतलब बोले तो एकदम डेंजर लग रेली थी ..

अपन का फ्लेवर है मोनिका  ..अक्खा कॉलोनी जानती है कि अपन इस पर मरता है ... सोलह की है लेकिन अपन बस इसके अठरह के होने का वेट कर रेला है ...फिर घोड़ा इसके बाप के मत्थे पर टेक अपन इसको लेकर धारावी उड़ लेगा ...धारावी बोले तो अपन की मदर लैंड ....

यहाँ मतलब बोले तो तेलीनगर में अपन के पंटर लोग फैले हैं...और अपने अंडरवर्ल्ड गुरु बोले तो पेंथर  भाई की भी यही कर्मभूमि है ...अपन का एक सपना है कि अपन एक बार पैंथर भाई के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद ले और उनकी तरह अपना टेरर बना सके ... अपन के पंटर भी अपन को छोटा पैंथर बोलते हैं ... पंटर बोले तो अपन के बीड़ू रंगबाज ..यहाँ पहाड़ी चरस का कारोबार जमाया है अपन ने  ...चरस बोले तो काला सोना .....

अपन ऐज 30 मेंटेन किये हुए है ... अपन मोनिका से सच्चा प्यार- श्यार करता है ...अपन जब भी किसी छीनाल संग सोता है ... इमेजिन साला मोनिका को ही करता है ...अपन ने अपनी दाईं कलाई पर मोनिका भी लिखवाया है ताकि अपन को काम और क्रीड़ा में भी साला अपन की सॉफ़्टी विथ टूटी-फ्रूटी याद रहे ...

अपन अक्खा तेलीनगर में सिर्फ अपने ससुर की इज्जत करता है ...और उसकी अपन को देखकर पता नही काहे हो फटती है ....

लेकिन फटेगी तो आज अंकल की...घोड़ा पिछवाड़े पर दबेगा और लोहा मुँह से निकलेगा ... साला महीना भर कॉलोनी का राऊँड नही लिया तो ये चिरकुट बुड्ढा-बाढ़्ढ़ा भी अपन की आईस क्रीम पर लार गिराने पहुँच गया ...

मोनिका अपन को नही जानती ...न ये जानती है कि अपन साला टपोरी -मवाली उस पर मरता है ...लेकिन उसे इतनी तो भनक है कि साला जो उसपर मरता है फिर वो अपने पैरों पर नही चलता है ,,,

अपन ने अपने माल के बस पकड़ने का  वेट किया ...और जैसी ही उसकी बस आई अपन अंकल के क्लोज हो गया ..ताकि अपन उस का डी एन्ड करने से पेले उसे दी एन्ड की गुड न्यूज़ दे दे ....

लेकिन अपन का प्यार शायद गॉड-शोड तक पहुँच गेला है ...तभी उस अंकल की इज्जत पर कारतूस लगने लगा ...

" शर्म आनी चाहिए आपको मिस्टर अपनी उम्र का तो लिहाज कीजिये "

" बेटी की बराबर की बच्ची को भी ...छी "

" पुलिस में रिपोर्ट करो साले की "

पुलिस का नाम सुनते ही अपन का डोर पार्सल भीग गया बोले तो कच्छा ...अपन डरता तो 11 मुल्कों की पुलिस से भी नही है लेकिन पैंथर भाई के बाद अपने मुल्क की पुलिस से अपन की तब से फटती है जब से अपन ने पहली बार उनके तेल पीये लठ अपने गोदाम में गिरवाये थे ...

गोदाम बोले तो ....

तभी एक  लौंडे ने अंकल के मुँह पर देशी लोखण्ड बोले तो मुक्का जड़ दिया ...टाइमिंग और फ़ोर्स एकदम खलटु था बोले तो परफेक्ट ...ब्लड ने नाक से इंट्री दी ...तो एक लात भी अंकल के पेट पर गिरी ...साला चालू निकला अंकल वहीँ लेट गया ताकि और मुम्बईया बरसात न हो ....

साला जिगर की आखरी चिंगारी भी तब बुझी जब अंकल का ढेढ़ हाथ दूर गिरा चश्मा भी एक फेमेनिस्ट लुगाई ने पैरों से मसल दिया ....

बाकि औरतें डर गईं ...और भाग खड़ी हुई ...लेकन अंकल साला पैसेंजर वेटिंग कॉर्नर के मार्बल को स्लीप वेल का गद्दा समझ उसी में पड़ा रहा ....

अपन को दया आ गई ...क्यूँकि दया साला अपन की ऑनरेबल आई का नाम है ...आई बोले तो अपन की " माँ "....

जैसे ही अपन कलटी लेने लगा ...वैसे ही अंकल ने नाग की तरह पैर सीधे कर हाथ को ओरटा बीन बनाया ...

और फिर लेटे -लेटे ...अपना पर्स ऑपन किया ...भीड़ छँट चुकी थी ....तभी अपन की नजर उसके पर्स पर स्लिप हुई तो ...अपन रेटिना ज़ूम कर देखा कि साला अपने माल की फोटू साला अंकल पर्स में लिए घूम रेला है ....और फिर अपन ने घोड़ा निकाल ही लिया जब ..हलकट ने अपने माल की फोटो को ऑन पब्लिक प्लेस किस किया ....

अपन घोड़ा इसलिए अनलोड नही किया क्यूँकि अपन साला मैगजीन रूम में रखकर चलता है वो क्या है अपन थोड़ा वहमी है ...अपन को लगता है कि अगर कमर पेटी में घोड़ा ऑटोमेटिक दब गया तो अपन मोनिका के बच्चों का बाप फिर कैसे बनेगा ....?

लेकिन अपन ने वहीँ सॉइल उठाई और कसम ली कि अपन साला आज ही इस अंकल को खल्लास करेगा ....सॉइल के चक्कर में अपन साला मिलावटी कंक्रीट उठा बैठा ...खैर अपन ने सोचा पेले इस लोटन कबूतर का घर देख लूँ ताकि शाम को इसके घर पर ही इसको ठोक सकूँ ....

अंकल उठा और धीरे-धीरे आगे बढ़ा ...चश्मे न होने की वजह से अपन ने देखा उसे थोड़ी प्रॉब्लम हो रेली थी ....

उसने टैक्सी को हाथ दिया और अपन ने ठीक उसके पीछे पास खड़ी अपनी मोटरसाइकिल को किक !

हिम्मत देखो साले की सीधा अपने माल के स्कूल के गेट के सामने टैक्सी रुकवाई और गेटकीपर को एक लेटर -शेटर टाइप कुछ दिया .....

और फिर टैक्सी में बैठ गया ...अपन को उसका पीछा करना था ...लेकिन अपन को ये भी जानना था कि साला अपने माल को हरामी अंकल ने क्या टिच -टाइप किया है ....

तो जैसे ही गेटकीपर ने उस लेटर को अपनी यूनिफॉर्म में आधा अपलोड किया वैसे ही अपन ने उसे उसकी जेब से लिफ्ट किया और बाइक फिर अंकल की टैक्सी के पीछे रौंद दी ...

अपन को हिलोरा तो हो रेला था कि एक बार लेटर पढ़ ले ताकि अंकल को ठोकते वक्त अपन को डबल एंग्री फिलिंग आये ....लेकिन रिस्क था क्यूँकि अंकल स्लिप हो सकता था ....

अंकल ने टैक्सी गोदावरी बस्ती में स्टॉप करवाई और भाड़ा चुका कर अंकल एक गली के अंदर जा घुसा ....

अपन ने भी गली में बाइक की इंट्री करवाई तो अपन और बाइक दोनों गली में फँस गई ....अंकल को ठोकने की फिलिंग जाती रही और अब फिलिंग ये थी कि हरामखोर उस इंजीनियर और सरकार को ठोक दूँ जिसने इस गली को नाड़े से भी पतला करने में खोखा और पेटी निगल ली ....अपन फँसी बाइक से एयर लिफ्ट हुआ और अंकल के फिर पीछे ...

अंकल ने एक बासी सडल्ले कमरे का जंग खाया ताला ओपन किया और चरचराते दरवाजों को अंदर धकेला ....डोर खुला ही था तो अपन ने भी जूते की आवाज न हो तो बाहर बैठ उसको उतार कर उसके ऊपर मोज़े पहन लिए .....

अंदर इंट्री करते ही अपन की खोपड़ी की बोले तो वॉट लग गई ....आई शपथ अंकल साला एक नम्बर का हारामी निकला ...
अक्खे कमरे की दिवार पर फोटो ही फोटो चिपकी थी और उनके बीच में  अपन के माल की बहुत सारी फोटो टेक रक्खी थी ....

और वो फोटू जो अपन के माल की चोरी -छिपे खींची गई थी.....

अपन ने घोड़ा पकड़ लिया लेकिन दबाया नही ...लेकिन फिर ये घोड़े चलने की इतनी लॉउड आवाज कहाँ से आई ....

अपन ने अंदर जाकर देखा तो अपन की फट के फतेहपुर पहुँच गई ....अंकल ने खुद को शूट कर लिया था ....

अपन इससे पहले कलटी होता पब्लिक ने अपन को दबोच लिया और खूब पिलाई कर दी .....

पुलिस आई और अपन को साथ लिए उड़ चली ....अपन की खोपड़ी में इस वक्त माल नही मार चल रही थी और तेल पीये लठ अपन को फ्लैशबेक हो रहे थे .....

बड़े साहब ने जब अपन से नरमी से पूछा तो अपन ने एक साँस में झट पूरी कहानी सूना दी ....क्यूँकि अपन ने हिंदी फिल्मों  देख रेला है पेले साहब नरमी से पूछते है फिर दुबारा पूछने से पेले चूल्हे में गर्मी करते हैं ....

" अबे दो कौड़ी के टपोरी ...साले..हमने तफ्तीश कर ली है ...वो अंकल उस लड़की का बाप है ...तेरी जुबान में कहूँ तो ओरिजिनल फादर ....उसकी माँ का पहला पति ...समझा भूतनी के ....बेटा छोड़ रहें है क्यूँकि वो सुसाइड नॉट लिखकर गया है अपनी मौत का ....लेकिन अब तेलीनगर और उस लौंडिया के आस-पास भी दिखाई दिया तो ...तेरा एनकाऊँटर पक्का ...बोले तो ठोक देंगे साले ...."

अपन सीधे अपने रूम में गया ...पंटर लोगों को भी कहानी सुनाई ...और कहा धारावी निकल लो...अपन के पसीने के साथ अपन का प्यार भी अपन की बॉडी और दिल से निकल गया ....अपन ने फैसला किया कि साला धारावी में मुन्ना लुक्खे की लौंडिया को दाना डालेंगे ....

अपन जब दौड़ती ट्रेन में पसीना पोछने के वास्ते टेरिस वाली जेब से रुमाल निकालता है तो रुमाल संग अंकल का वो लेटर भी डाउन फॉल होता है ...

अपन सन्न रह जाता है और काँपते हाथों से उसे उठाकर खोलता है ....

" प्यारी गुड़िया मोनी ,,,
आज आपका जन्मदिन है बेटा ..मेरी भी उम्र आपको लग जाये मेरी रानी परी ...मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ बेटा ...इतना कि जितना प्यार मैंने आपकी मम्मी को किया है ...बेटा मैं मानता हूँ मैंने आपकी मम्मी को धोखा दिया ..उसे झूठ बोला कि मैं एक कम्पनी में नौकरी करता हूँ ..सिर्फ इसलिए कि वो मुझे छोड़ कर न चली जाए ....कहीं उसे ये न पता चल जाये उससे रोज मिलने वाला एक शर्मिला सा लड़का रतन ....इस शहर का सबसे बड़ा टेरर किंग पैंथर भाई है .....लेकिन तुम्हारी मम्मी के प्यार से मैं बदलने लगा और मैंने इरादा कर लिया कि मैं आपकी मम्मी को लेकर हमेशा के लिए इस शहर से दूर चला जाऊँगा और एक इज्जत की जिंदगी जीयूँगा ....हमनें गुप-चुप शादी भी कर ली थी ...जब आपकी मम्मी ने मुझे आपके ,,उनके पेट में होने की खबर दी तो मैं इतना खुश हुआ कि मैंने उसी दिन फैसला कर लिया कि मैं  आपको,, आपकी मम्मी को लेकर हमेशा के लिए दूर चला जाऊँगा ....लेकिन जाने से पहले मैंने आपकी मम्मी को सारा सच बताने का मन बना लिया और मुझे विश्वास था हमारा प्यार इतना सच्चा है कि आपकी मम्मी ..मुझे माफ़ कर देगी लेकिन माफ़ी क्या वो तो कुछ भी देकर न गई बल्कि आपको भी मुझसे हमेशा के लिए दूर ले गई ...रोज आपको दूर से तकता हूँ ...रोज आपकी तस्वीर चुपके-चुपके खींचता हूँ ...मैं बदल गया हूँ बेटा ...मुझे फेस टू फेस जानने वाले मेरे गुर्गे  ,,पुलिस एनकाऊँटर में मारे गए ... आपकी मम्मी के मेरी जिंदगी से जाते ही मैंने जुर्म की दुनिया छोड़ दी और आज एक अखबार छापाखाने में नौकरी करता हूँ ....जिस पैंथर भाई का नाम ही लोगों की नब्ज जमा देता था आज वो सिर्फ आपके लिए दिन-रात रोता है ....मैंने आपकी सारी बचपन की तस्वीरें भी आपके घर से चुराई हैं ...मैंने आपको हर साल बदलते देखा है सोना परी ....हर वक्त आपकी तस्वीरों से बात करता हूँ ...आज आपका जन्मदिवस है बेटा आज एक बार आपको सब सच बताना चाहता हूँ ...और इसके बाद फिर आपके बिना जीना भी नही चाहता ....जिस वक्त आप ये लेटर पढ़ रही होंगी उस वक्त मैं इस दुनिया से जा चुका होऊंगा ... लेकिन बेटा मेरी आत्मा मेरा आशीष सदा आपके साथ चलता रहेगा ...आई लव यू बेटा ..."

अपन की बॉडी और आँखों को साला  लकवा मार गया ...साला सब पानी -पानी हो गया ..कीचड़ जम गई आँखों में..साला अपन किसको ठोकने चला था ..उसको जिसका नाम सुनकर अक्खा तेलीनगर का मूत निकल जाता है ...अपन के भगवान की बेटी है मोनिका और अपन साला उसपर की गन्दी नजर रखता था ....चैन खींची ट्रेन की..जिससे अब जो हो उखाड़ ले ...साला अब अपन को एनकाऊँटर का भी डर नही ...अपन जम्प किया और दौड़ा ताकि अपन के भगवान की पाती उसकी बिटिया को भी बता सके ...कि उसका बाप एक बहुत बड़ा आदमी ही नही एक सच्चा इंसान भी था ....वो इंसान जिसे भगवान ने तो बदलने का मौका दिया लेकिन उस भगवान की बनाई एक औरत ने नही ....और वो औरत जो एक प्रेमिका ...एक पत्नी और एक माँ भी थी "

नवाज़िश

Junaid Royal Pathan

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