Sunday, 30 September 2018

रेप

ठक ठक ...

" ओह्ह्ह रमेश ..मोस्ट वेलकम !

" वेलकम सेलक्म छोड़िये और मेरी रेलिंग में से ये अपने कपड़े उतारिये ...

कौन से कपड़े ...मेरे तो सारे कपड़े अपनी रेलिंग में है ....

भोली मत बनिये आप रोज जो ये अपने अंडरगारमेंट्स मेरी रेलिंग में डाल आती है ...आपको शर्म नही आती ..?

ओह्ह्ह्ह वो ..वो क्या है रमेश इम्पोर्टेड पहनती हूँ यू नो ...तो कलर फेट न हो जाए ...इसलिए तुम्हारी रेलिंग में  सुबह छाया रहती है तो डाल देती हूँ । ....

आप निहायत ही बेशर्म औरत है ....आइन्दा से मेरी रेलिंग में अगर आपने अपने कपड़े डाले तो मैं उठा कर नीचे फेंक दूँगा ...!

कॉलेज कैंटीन में -

अबे ले ..माँ कसम फेंक रिया है ....कोरी झूठ है मैं मान ही नही सकता ...न ....न ..न ....

इसमें झूठ क्या है ...?

" ले ..कोई  हॉट आंटी  खुद इनवाइट करे और
और लौंडा सिंगल होने के बाद उसको पिछवाड़ा दिखा दे ...नही  बे नही मैं मान ही नही सकता ....

कॉलोनी में -

रमेश ..प्लीज मेरा  गैस सिलेण्डर लीक हो रहा है प्लीज जरा देखना तो ...वो क्या है तुम्हारे अंकल ऑफिस चल दिए ...प्लीज हेल्प मी !

" वो ...वो..वो ..आप उसका रबड़ बदल ले ठीक हो जाएगा ....

मुझे नही आता ...और बहुत डर लगता है तो प्लीज ...देख दो न ...प्लीज

"" उंह ..ठीक है चलिए .."

" इसका रबड़ चेंज करना होगा ..आपके पास कोई दूसरा खाली सिलेंडर है ..."

देखती हूँ तुम तब तक ये जूस पीयो ..

नो..थैंक्स !

प्लीज रमेश ..शुगर फ्री है प्लीज ले लो न....

पुलिस स्टेशन-

" अबे चूतिया समझा है क्या ..भला कोई औरत किसी के साथ कैसे रेप कर सकती है ...अबे उसने मजे लिए होंगे मुन्ना ...इसको रेप नही कहते ..."

आप प्लीज मेरी रिपोर्ट लिखिए ..."

" अबे देख ..चुपचाप गोल हो ले ..वरना बेटा उल्टा फंस सकता है...क्यूँकि मैं मानता हूँ तेरे साथ रेप तो हुआ है ...लेकिन अगर उस औरत ओह्ह सॉरी आंटी ने एक बार भी झूठे मुँह बोल दिया है कि तूने उसका रेप किया है ...तो बेटा लंका लग जायेगी तेरी !

हाँलाकि ये किसी को भी सुनना अजीब सा लगे लेकिन उस दिन के बाद मैं बिखर सा गया ..कोई भी वक्त अपने को खत्म करने की कोशिश करने लगा ....न स्टडी में मन लगता था न कॉलेज में ...

मैंने फैसला कर लिया था ... ! मैंने एक तेज धार चाक़ू खरीदा ... और रात का इन्तेजार करने लगा ...रात के 11 बजे मैं आहिस्ता से टेरिस के पाइप से उस आंटी की बोलकॉनी पहुँचा ...मैंने हल्के हाथ से दरवाजे के ऊपर उस आंटी के दरवाजे का रोशनदान उठाया ...फिर अंदर हाथ डाल दरवाजे की सिटकनी खोली ...चुपचाप बिना आवाज के दरवाजा खोला ...और अपने जूते भी ...नंगे पैर में अंदर दाखिल हुआ .. तभी एक काँच टूटने की आवाज आई .....
मैं झट से परदे के पीछे हो लिया ....

" कुतिया ..अगर तूने जल्द से जल्द एक और मुर्गा फाँसकर एक और पोर्न मूवी नही दी तो.. समझ लेना तेरी दोनों बहनों के मुँह पर मेरे एक इशारे पर मेरे आदमी तेजाब फेंक देंगे.. और तेरा भाई जो तेरे बाप का इकलौता सहारा है वो कुत्ते की मौत मरेगा .....

" मैं अब हरगिज ऐसा कुछ न करूंगी अनुभव ...मैंने तुमसे प्यार किया था ...लेकिन मुझे नही पता था तुमने मेरे साथ व्यापार किया ...लाख समझाया मेरे घर वालों ने कि तुम एक अच्छे इंसान नही लेकिन अंधी और बहरी हो गई थी मैं ... तुम्हारे साथ भाग कर मैंने सोचा था कि मैं अपनी मंजिल को पा लूँगी लेकिन ...

" कुतिया ......आह्ह्ह ......
" रमेश तुम ..ये तुमने क्या किया ...? तुम खून कैसे कर सकते हो...?

" आंटी मैं अपने साथ रेप करने वाले का कत्ल करने आया था ....और मेरे साथ रेप आपने नही इस बेशर्म जानवर ने आपको मजबूर कर के कराया था ...

(कोर्ट )

जज साहब मुझे कोई भी सजा देने से पहले कृपया मेरी एक छोटी सी बात सुन ली जाये ....

बोलो रमेश !

" जज साहब मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि रेप ..सिर्फ रेप होता है ..न इसका कोई मजहब ..न जात ..न नस्ल ..न उम्र ..न जमीन होती है ...

बस इस अफवाह को बदल दिया जाये ......और तोड़ा जाए इस धारणा को कि रेप सिर्फ औरत का होता है ...बल्कि ये मशहूर किया जाए ....कि रेप सिर्फ वो करता या करती है जिसके सर पर वासना नंगा नाच करती है ....और रेप सिर्फ उसका होता है जो वासनाओं से परे अपनी एक आजाद और ईमानदार जिंदगी जीना चाहता है ....फिर चाहे वो मर्द हो या औरत ......नवाज़िश
#जुनैद...........

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