Saturday, 15 December 2018

होशियारपुर_एक्सप्रेस

#होशियारपुर_एक्सप्रेस
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देखो ...देखो ....बेगम ये है ताजमहल .....

जीइई...

अबे क्या कर री हो नकाब क्यूँ उठा री हो ....? नीचे करो !

( कुछ देर बाद)

लो अब पहुँचे लोटापुर ..देखो यहाँ बनते है लोटे ....

जीइइ...

अबे ! अबे....मना किया न कि नकाब न उठाओ !खबरदार जो अब हाथ भी लगाया तो !

अबे ! क्या चूतिया हो बे तुम ....बार बार बोल रहे हो.. देखो..देखो ...और जैसी ही जनानी देखने के लिए नकाब उठा रई है ...डँपट दे रहे हो !

अबे मियाँ तुमसे मतलब ..लुगाई मेरी .. टिकट हमारा सीट हमारी तुम क्यूँ तुगलक बन रहे हो बे ?

अबे नारी मुक्ति मोर्चा की अध्यक्ष के पति हैं बे ! नाम है तेजेश्वर शास्त्री ...साला औरत को क्या कोल्हू का बैल समझे हो बे ? या कोई पालतू जानवर...?

मियाँ शास्त्री तुम न ...उखाड़ लियो बे ! स्याला डरे तो हम निजाम से भी नही नाम हमारा भी सुन लो बे जुनैद रॉयल पठान ..मियाँ सूर लड़ाकों की नस्ल से हैं ..समझे !

अब बात बुरखे और औरत की आजादी से स्लिप  होकर पहुँच गई ...सनातन बनाम इस्लाम में ...हल्दी घाटी ..सोमनाथ लूट .. ..शुंग से लेकर टीपू...और आजादी की जंग तक .....तभी ड्राईवर ने ब्रेक गेरा...और बोला-

" देखो बे ...अगर बस को संसद और टीवी का न्यूज स्टूडियो बनाया तो स्याला मुल्ला-पंडे दोनों को यहीं हिलोरापुर उतार देंगे ....!

बस में बेमियादी चकल्लस और बहस का पोस्मार्टम हुआ तो इन सब से बेखबर एक शराबखोर. पियक्कड़ धुत नशे में अब तक अपनी पीछेवाली सीट पर सोया हुआ था झट से खड़ा हुआ और बोला -

" अबे पायलट ठेका दिखे तो रोकना ...साला इन कम्बख्तों ने पूरी उतार दी ...और फिर धप्प से अपनी सीट पर बैठा और सो गया ! "

तभी बड़ी देर से मन ही मन बड़बड़ाते हुए एक बुजर्ग चौकस और आक्रोशित होकर  बोले -

" लेकिन आपको वाकई में शर्म आनी चाहिये मुल्ला जी ...माना आपके वहाँ पर्दे की प्रथा है ...लेकिन ये क्या बात हुई कि आप एक औरत की भावनाओं का मजाक उड़ाये और उसका मानसिक व भावनात्मक शोषण करें ...."

" देखो ! बुजुर्ग मोहतरम ...जब हमारी लुगाई को कोई दिक्कत नही तो आप क्यूँ बिन पानी की मछली की तरह फ़ड़फ़ड़ा रहें है ..?

फिर एक महिला बोली -
" लेकिन मुल्लाभाई ...अंकल ने क्या गलत बोला ..? आप से डरती होंगी शायद इसलिये आपके हर जुल्म को सह रहीं है ...या कोई मजबूरी होगी ..?

" लो कर लो बात .. अमां मोहतरमा हम कोई डरने या डराने की चीज है ...जबकि हम तो फलक के वो चाँद है जिससे लोग मुहब्बत करते हैं ...समझी !" (आँख मारकर )

" बदतमीज ...आँख मारता है ...."

" अरे ...नही ...नही ...मोहतरमा दब जाती है ससुरी औरत देख ...पीढ़ियों का मर्ज है बुरा न मानिए ...!"

एक प्रोग्रेसिव यंग मैन खड़े हुए और बोले -

" देखो मुल्ला जी ...आई एम् एथिस्ट मीन्स नॉट रिलिजियस ...लेकिन आप वास्तव में शोषण कर रहें हैं अपनी बीवी का ..."

" लो अब मुर्गाबी के भी चील से पर निकल आये ...अमां बरखुरदार ये दाँव हमपर न चलो ...समझे ..हम जानते है तुम्हारे जैसे नास्तिकों को ,लेकिन हम आस्तिक है और हमारा मजहब औरत को नुमाइश की चीज बनने से रोकता है समझे !"

ड्राईवर ने झन्ना के ब्रेक दाबे और बोला -

" उतर बे मुल्ला ...अभी उतर ! "

बस में होहल्ला मच गया ..तमाम यात्री अपनी सीट पर खड़े हो गए और  मुल्ला को बाहर खदेड़ने लगे !और उसे खदेड़ते-खदेड़ते बस के दरवाजे तक ले आये ....तभी मुल्ला बोला -

" अबे ..जहन्नमियों जालिमों ..अबे मेरी बीवी को भी तो उतार दो "

तभी एक नौजवान ने फुर्ती दिखाई और बोला -

" देखो बे मुल्ला ! मैंने अभी शरीफ खातून से बात की है और वो बोलती है कि वो तेरे साथ नही आएगी ...उसे तुझसे आजादी चाहिये देख कैसे आराम से बैठी है ...उसे कोई तकलीफ नही है ....

समस्त यात्रियों ने ...पीछे को गर्दन घुमाई तभी मुल्ला बोला -

" हरगिज न जाऊँगा बे ...बेगम.. अरी ओ बेगम ...कमबख्त ...इसी लिए ब्याह के लाया था तुझे ...तुझे ज़िंदा नही छोडूँगा .."

और मुल्ला बस में घुसने की पुनः कोशिश करने लगा ...तभी उस नौजवान ने मुल्ला को कोहलियों में दाबा और बोला -

" ड्राईवर साहब आप बस दौड़ाओं ..इसके सर पर खून सवार है ..मैं इसको यहीं रोकता हूँ ...और आप आगे जाकर पुलिस को खबर जरूर कर देना "

यात्रि एक स्वर में बोले -

" चलो ! "

बस चलने लगी ...सबने सजल नेत्रों से उस वीर नौजवान को भावभीनी विदाई दी जैसे उसने अकेले सरहद पर शत्रु सेना को रोककर अन्य की जान बचाई हो .....

बस में एक सन्नाटा सा पसर गया सभी यात्री अपनी सीट पर बैठकर आँख मूँद लिए और चैन की सांस भरने लगे .....

तभी शास्त्री जी बोले -

" बहनजी आपके पास पानी होगा ...?"

" जी भाईसाहब ! अभी देती हूँ बैग में रखा है "

और वो खड़ी होती है और सर के ऊपर के लगेज कॉर्नर में देखकर चीख पड़ती है -

" हे भगवान ...अरे लूट गई ...मेरा बैग कहाँ गया ..???"

बस फिर ब्रेक का गोता खाकर रुकती है....

" अबे मेरा भी नही है बे "

"मेरा भी लापता है "

" मेरा भी ...."

पूरी बस में हल्ला बरपा हो जाता है .....रात का वक्त और तन्हाई का आलम ...

" जरूर मुल्ला की शरारत है ....."

" हाँ ...मुझे भी लगता है "

" पुलिस को बुलाओ .."

" अरे इसकी बीवी को जगाओ "

क्रांतकारी रोष लेकर एक महिला मुल्ला की बेगम के पास पहुँचती है ...उसे हिलाती है और बोलती है -

" बहन उठो ...बहन जागो ..."

तभी वो पर्दानशीन बोलती है -

" क्यूँ पायलट क्या ठेका आ गया ....?"

इतना सुनकर झट से एक पुरुष उसका नकाब उठाता है --

" अबे ये तो शराबी है ...अबे उसकी बेगम कहाँ गई .........."

तभी एक पुलिस इंस्पेक्टर एक  पुराने खटारे स्कूटर  पे आते दिखे  सबने राहत की साँस ली सब कुछ सुनकर इंस्पेक्टर साहब बोले -

" दरअसल उसकी बेगम उसके साथ ही खड़ी या खड़ा थी ....वो नौजवान जिसे आप बुद्धिजीवियों ने बहादुर और मसीहा समझकर उतारा वो ही उसकी बेगम थी ....जिसने आप सब को मुल्ला को धक्के -मारकर बाहर करते वक्त चुपचाप अपना बुरखा इस शराबी को पहना दिया और आपका समान धीरे -धीरे ..हौले -हौले आँख बचाकर खिड़की से नीचे करती रही मतलब करता रहा जहाँ उनका आदमी पहले से खड़ा था ... ....और आप को राहत मिलेगी ये जानकर कि आप न पहले लुटने वाले है न आखरी ...और बात रही इस शराबी की तो वो लुटेरे जो  अक्सर तीन टिकट लेते है और ऐसे ही किसी शराबी को खूब पिलाकर पीछे वाली सीट पर सुला देते है ...और जानिये अभी हफ्ता भर पहले इन लुटेरों ने जोगी बन कर एक मुसलमान जमात से भरी बस को लूटा था ........"

और इतना कहते ही इंस्पेक्टर साहब ने सिगरेट केश निकालकर ..उसमें से बीड़ी निकाली और उसे होंठों पर लगाकर जलाया ही था कि  .....शास्त्री जी बोले -

" लेकिन इंस्पेक्टर साहब  अब क्या होगा ....?"

" होगा क्या ...आप सब जेबें हल्की कीजिये और देखिये 1 घण्टे में चोर और आपका सामान यहाँ हाजिर ..."

" आप घूस माँग रहें है ...?"( बुजुर्ग बोले )

" तो घुस लियो चचा रपट लिख देंगे और फिर जो होगा आप तो जानते हैं...."

सभी ने शर्मिंदा होकर सरेंडर कर दिया और बचा खुचा जेब का झाड़ा इंस्पेक्टर साहब को दिया ....कई घण्टे बीते ..लेकिन न इंस्पेक्टर साहब लौटे न चोर .......ड्राईवर ने कोतवाली के आगे बस टेक दी ........

" साला तुम चूतिये लुटने के लिए ही बने हो ...अबे एक बार लुटकर चैन न मिला जो दुबारा भी ......

" मतलब ...?"  (शास्त्री जी सहम कर बोले )

" अबे अक्लमंदों क्या कभी किसी घूसखोर इंस्पेक्टर को स्कूटर चलाते देखा है ..????"

बस फिर चल पड़ी ... तभी पीछे से एक आवाज फिर सुनाई दी

" अबे पायलट  ठेका आया की नही ...????"नवाजिश

#जुनैद

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